Jan 10, 2007

‘हिन्‍द युग्‍म’ एक प्रयास

इन्‍टरनेट पर हिन्‍दी के विकास के लिये लिये हिन्‍द युग्‍म नामक हिन्‍दी कविता ब्‍लाग की आधाराशिला रखी जा रही है। जिसमे पहले से ही अनेको वरिष्‍ठ कवियों तथा उभरते हुऐ युवा कवियों की रचनाऐ विभिन्‍न दिवसों मे प्रकाशित हो रही है।

परन्‍तु एक समस्‍या है कि एक सीमित वर्ग तक ही हिन्‍दी को रख कर हिन्‍दी के विकास के सपने देखना सम्‍भव नही है। इसलिये हम अपने प्रयासों को आगे बढ़ाते हुये इस कार्य मे आपकी सहभागिता की अपेक्षा करते है क्‍योकि किसी भी कार्य मे बिना समूह अथवा सहयोग के सफलता की सम्‍भावना नही होती है। इस कार्य मे रोचकता लाने के लिये इसमे कवि प्रतियोगिता का स्‍वरूप दिया जा रहा है। जिसमे किसी भी प्रकार के कवि भाग ले सकते है, अर्थात यह प्रतियोगिता विधाओं की अनिवार्यता से बन्‍धन मुक्‍त है। आपके द्वारा निर्धारित तिथि तक भेजी गई कविताऐं (जो निर्णाय‍क मंडल के द्वारा चुनी जाती है) हिन्‍द युम पर प्रकाशित की जायेगी और इसके परिणाम स्‍वरूप आपको हिन्‍द युग्‍म के द्वारा सम्‍मानित एवं पुरस्‍कृत किया जायेगा, इन कविताओं को प्रत्‍येक सोमवार को प्रकाशित किया जायेगा।

चुकिं हमारा प्रयास नेट पर हिन्‍दी का विस्‍तार एवं विकास करना है तो इसमे कवियों के अतिरिक्‍त पाठकों के लिये भी एक प्रतियोगिता है। बस पाठको के भी पाठक से थोडा हट कर लेखक बनना होगा आपको हिन्‍द युग्‍म पर प्रकाशित होने वाली सभी कविताओं पर टिप्‍पडि़यॉं प्रदान करनी होगी। प्रत्‍ये माह मे सर्वाधिक तथा समसे उच्‍चकोटि कि विश्‍लेषणत्‍मक टिप्‍पड़ी को भी पुरस्‍कृत किया जायेगा।

एक बात पर आपका घ्‍यान इगित करना चाहुँगा कि आपके द्वारा भेजी जानी वाली रचनाऐ एवं टिप्‍पडि़यॉं युनीकोड हिन्‍दी मे होनी चाहिये। अरे-अरे आप निराश क्‍यों हो नहे है? आपको निराश होने की कोई जरूरत नही है आप चाहे तो हमें रचनाऐ रोमन भाषा मे भी लिख सकते है। हम उसे युनीकोड मे बदल देगे। हॉं आप टिप्‍पडि़यों को रोमन मे भी लिख सकते है। किन्‍तु बिना आपके हिन्‍दी लिखे हिन्‍दी का विकास सम्‍भव नही है। आप हमारे समूह से सम्‍पर्क कर सकते है आपको हिन्‍दी टंकण (टाईपिंग) भी सिखाया जायेगा। चूकि हाल मे ही विभिन्‍न शोधों से पता चला है कि हिन्‍दी भाषा की दृष्टि से तो विकास कर रही है किन्‍तु लेखन की दृष्टि से देवनागरी हिन्‍दी का स्‍थान धीरे धीरे रोमन हिन्‍दी ले रही है। तो हमे अपनी देवनागरी लिपि की रक्षा के लिये प्रयास करने होगें तो फिर देर किस बात की कर रहे है। तो हो जाइये शुरू।

आप किसी भी प्रकार की सहायता के लिये मुझसे, शैलेश जी तथा गिरिराज जी से इन ईमेल पते पर नि:संकोच सम्‍पर्क कर सकते है।

प्रमेन्‍द्र प्रताप सिंह pramendraps(at)gmail(dot)com

शैलेश भारतवासी bharatwasi001(at)gmail(dot)com

गि‍रिराज जोशी grjoshee(at)gmail(dot)com

कुछ उपयोगी लिंक

हिन्‍द युग्‍म, नियम व शर्तें, "हिन्द-युग्म" - एक परिचय, कवि-परिचय

कविता भेजने का ई-मेल hindyugm(at)gmail(dot)com

इस कार्य को सफल बनाने मे आपके किसी भी प्रकार के अमूल्‍य सुझाव व सहयोग सस्‍नेह आमन्त्रित है।



Post a Comment