(1)
तस्ब्बुर है रवानी है,
ये जो मेरी कहानी है।
मै जलता हुआ आग हूँ,
वो बहता हुआ पानी है।
(2)
जिन्दगी के हर सफर में,
हम बहुत मजबूत थे।
अांधियों का था सफ़र,
और हम सराबोर थे।
टूट कर बिखर गये,
जाने कहॉं खो गये।
(3)
हर सफर में तुम्हारे साथ था,
जिधर गया तुम्हारे पास था।
रास्ते अनेक देखे,
गया जिस पर तुम्हारा निवास था।