Sep 27, 2007

शहीद भगत सिंह - महान क्रांतिकारी और राष्ट्रपुरुष

बड़ी खुशनसीब होगी वह कोख और गर्व से चौडा हो गया होगा उस बाप का सीना जिस दिन देश की आजदी के खातिर उसका लाल फांसी चढ़ गया था। हॉं आज उसी माँ-बाप के लाल भगत सिंह का जन्‍म दिवस है। आज देश भगत सिंह के जन्‍मदिन की सौ‍वीं वर्ष गॉंठ मना रहा है।

भगत सिंह का जन्‍म 28 सितंबर 1907 में एक देश भक्‍त क्रान्तिकारी परिवार में हुआ था। सही कह गया कि शेर कर घर शेर ही जन्‍म लेता है। इनका परिवार सिंख पंथ के होने बाद भी आर्यसमाजी था और स्‍वामी दयानंद की शिक्षा इनके परिवाद में कूट-कूट कर भरी हुई थी।एक आर्यसमाजी परिवेश में बड़े होने के कारण भगत सिंह पर भी इसका प्रभाव पड़ा और वे भी जातिभेद से उपर उठ गए । ९वीं तक की पढ़ाई के बाद इन्होंने पढ़ाई छोड़ दी । और यह वही काला दिन था जब देश में जलियावाला हत्‍या कांड हुआ था। इस घटना सम्‍पूर्ण देश के साथ साथ इस 12 वर्षीय बालक के हृदय में अंग्रेजों के दिलों में नफरत कूट-कूट कर भर दी। जहॉं प्रारम्‍भ में भगत सिंह क्रान्तिकारी प्रभाव को ठीक नही मानते थे वही इस घटना ने उन्‍हे देश की आजादी के सेनानियों में अग्रिम पक्तिं में लाकर खड़ा कर रही है।

यही नही लाला लाजपत राय पर पड़ी एक एक लाठी, उस समय के युवा मन पर पडे हजार घावों से ज्‍यादा दर्द दे रहे थे। भगत सिंह, चन्‍द्रशेखर आजाद, बटुकेश्‍वर दत्‍त और राजगुरू ने पुलिस सुपरिंटेंडेंट सैंडर्स की हत्‍या का व्‍यूह रचना की और भगत सिंह और राजगुरू के गो‍लियों के वार से वह सैंडर्स गॉड को प्‍यारा हो गया।
निश्चित रूप से भगत सिंह और उनके साथियों में जोश और जवानी चरम सीमा पर थी। राष्‍ट्रीय विधान सभा में बम फेकने के बाद चाहते तो भाग सकते थे किन्‍तु भारत माता की जय बोलते हुऐ फाँसी की बेदी पर चढ़ना मंजूर किया और 23 मार्च 1931 हसते हुऐ निम्‍न गीत गाते हुये निकले और भारत माता की जय बोलते हुऐ फाँसी पर चढ़ गये।

भगत सिंह और उनके मित्रों की शहादत को आज ह‍ी नही तत्‍कालीन मीडिया और युवा ने गांधी के अंग्रेज परस्‍ती गांधीवाद पर देशभक्ततों का तमाचा बताया था। दक्षिण भारत में पेरियार ने उनके लेख मैं नास्तिक क्यों हूँ पर अपने साप्ताहिक पत्र कुडई आरसु में के २२-२९ मार्च, १९३१ के अंक में तमिल में संपादकीय लिखा । इसमें भगतसिंह की प्रशंसा की गई थी तथा उनकी शहादत को गांधीवाद के पर विजय के रूप में देखा गया था । तत्‍कालीन गांधीगीरी वाली मानसिकता आज के भारत सरकार में विद्यमान है, गांधी का भारत रत्‍न इसलिये नही दिया गया कि राष्‍ट्रपिता का दर्जा भारत रत्‍न से बढकर है। किन्‍तु आज भी यह यक्ष प्रश्‍न है कि अनेकों स्‍वतंत्रता संग्राह सेनानी आज इस सम्‍मान से वचिंत क्‍यो है जबकि यह सम्‍मान आज केवल गांधी नेहरू खानदान की शोभा ही बढ़ा रहा है। पिछले तीन साल से यह सम्‍मान को नही दिया गया था सरकार चाहती तो यह सम्‍मान सेनानियों को दिया जा सकता था।
इनता तो तय है कि अंग्रेजो द्वारा बनाई गई कांग्रेस और अंग्रेजो में कोई फर्क नही है। न वह सेनानियों का सम्‍मान करते थे और न ही काग्रेस, खैर यह तो विवाद का प्रश्‍न है किन्‍तु आज इस पावन अवसर पर शहीद भगत सिंह को सच्‍चे दिल से नमन करना और उनके आदशों ही उनको असली भारत रन्‍त दिया जाना होगा।
भगतसिंह की साहस का परिचय इस गीत से मिलता है जो उन्‍होने अपने छोटे भाई कुलतार को ३ मार्च को लिखा था-

उसे यह फ़िक्र है हरदम तर्ज़-ए-ज़फ़ा (अन्याय) क्या है
हमें यह शौक है देखें सितम की इंतहा क्या है
दहर (दुनिया) से क्यों ख़फ़ा रहें,
चर्ख (आसमान) से क्यों ग़िला करें
सारा जहां अदु (दुश्मन) सही, आओ मुक़ाबला करें ।

30 comments:

संजय बेंगाणी said...

अच्छा लेख.

Shrish said...

बारम्वार नमन भगत सिंह जैसे युगपुरष को।

सुन्दर लेख।

neeshoo said...

भगत सिहं जी भले ही हमारे बीच नही पर उनकी सोच तो हमेशा हमारे बीच रहेगी, भगत सिह जी के १०० वें जन्म दिन पर शत- शत नमन। आपने जो कुछ भी लिखा भगत सिह जी के बारे में अच्छा लगा कयोंकि
आज भले इस अमर शहीद का जन्म दिन है पर लोगों को ये भी न पता और जिसको पता है उसके पास समय ही नही है दो मिनट दिल से याद करने का। प्रमेन्द्र जी आप ने बहुत ही अच्छा किया जो कि एक जागरण का काम करेगा सोये लोगो के बीच।

keshu said...

bhagat singh ji ko me salaam karta hoon.
jai hind
vande mataram

varun said...

Bhagat Singh Ji ke charno mein mera shat shat pranam
BHAGAT SINGH AMAR HEIN
JAI HIND

Udan Tashtari said...

एक और उम्दा आलेख तुम्हारी कलम से, बधाई.
भगत सिंह को नमन.

महेंद्र मिश्रा said...

जलियाँवाला बाग़ : अंदर श्रद्धांजलि और बाहर लाठीचार्ज
एक समाचारपत्र मे पढ़ा कि जालियाँवाला बाग़ गुरुवार को कल दो अलग अलग घटनाओ का साक्षी बना|एक ओर बाग़ मे शहीद ए आज़म भगत सिह के जन्मशताब्दी के अवसर पर आयोजित समारोह मे शपथ ग्रहण समारोह मे युवक इंक़लाब ज़िंदाबाद के नारे ज़ोर शोर से लगा रहे थे और सरदार भगत सिह के बताए गाये मार्ग पर चलने क़ी शपथ ज़ोर शोर से ले रहे थे,वही दूसरी ओर सरदार भगत सिह को श्रद्धांजलि देने आ रहे किसानो पर पुलिस द्वारा जमकर लाठी बरसाई गई क्योकि उस मार्ग से
अति विशिष्ट मेहमान (वी0ई0पी0) निकालने वाले थे |खेद का विषय है क़ी अपने ही देश मे देश के महान क्रांतिकारी को श्रद्धासूमन अर्पित करना कितना मंहगा साबित पड़ सकता है |पुलिस क़ी इस बर्बर कार्यवाही से अंग्रेज़ो के ज़माने क़ी याद फिर से तरोताज़ा हो गई|

mukti said...

aab bhi jinka khoon na khoula vo khoon nahi pani hai ,
jo desh ke kam na aaye vo bekar javani.

rang de basanti ke ye shabdha sunakar bhagat sing jaisahi josh
rag rag me dodne lagta hai
lagta hai ki aabhi bhi hamari jarurat hai is desh ko ,
kyuki muze pata hai ki mai bhi uni vicharo se les hoo jis vicharo se bhagat sing les the
aur muze ye bhi pata hai puri duniya me yuvaone hi ye duniya badli hai
aur ek din phir se ye duniya badlegi

Anonymous said...

aab bhi jinka khoon na khoula vo khoon nahi pani hai ,
jo desh ke kam na aaye vo bekar javani.

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aur muze ye bhi pata hai puri duniya me yuvaone hi ye duniya badli hai
aur ek din phir se ye duniya badlegi

Anonymous said...

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aur muze ye bhi pata hai puri duniya me yuvaone hi ye duniya badli hai
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Anonymous said...

aab bhi jinka khoon na khoula vo khoon nahi pani hai ,
jo desh ke kam na aaye vo bekar javani.

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aur muze ye bhi pata hai puri duniya me yuvaone hi ye duniya badli hai
aur ek din phir se ye duniya badlegi

Anonymous said...

swatantrata saynaani hona koi aam baat nahi ....kahin logon ne desh ki azaadi ke liye apne ko kurbaan kar diya ...in logon ke liye mere mann mein ek geet jaag uthti hai

"aisi maa ki raksha ke hith
sau sau baar taje hum praan
jab tak hai yeh apna jeevan
nit gaaye tera gun-gaan
matru bhoomi janani hum sabki
tumko shat shat baar pranaam"

Prerit said...

yugpurush bhagat singh ko naman

Prerit said...

yugpurush bhagat singh ko naman

Anonymous said...

sardar bhagat sing is a good ideal person

Anonymous said...

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Anonymous said...

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Dinesh jat said...

we salute bhagat singh A great hero of india.

Dinesh jat said...

we salute this great real hero.

rohit singhal said...

i respect bhagat singh ji

rohit singhal said...

bhagat singh ji jaisi himmat or lagan aaj is akalyug e kisi me bhi nahi hai jaha tak ki mujh me bhi nahi me bhagban se prathna karta hu ki bhagat singh jaisa lal koi or bhi ho jo hamare bharat desh me se corrption ko mita sake

suraqj singh kushwah said...

jay hind jay bharat salut bhagat singh ji

suraqj singh kushwah said...

jay hind jay bharat salut bhagat singh ji

kritika. said...

bhagat singh ji hum aapko shat shat pranam karte hai aap jaisa koi nahi.

kritika. said...

bhagat singh ji hum aapko shat shat pranam karte hai aap jaisa koi nahi.

kritika. said...

bhagat singh ji hum aapko shat shat pranam karte hai aap jaisa koi nahi.

manish jat said...

i have no words ..........reall hero of hindustan .........and i hate gandhi......jinke karan bhagat singh g ko fansi lagi.........
salute to respected and honurable person sheed bhagat singh.......vande matram...inqla jindabad..

Akshay Sharma said...

देखिये मित्रो,
मैं आप की अपेक्षा ज्ञान में भले ही कम हूँ, परन्तु मैं आज एक बात रखना चाहता हूँ की मैं गांधी नाम और गांधी परिवार का कट्टर विरोधी हूँ लेकिन मैं एक बात के लिए मोहनदास करमचंद गांधी को धन्यवाद देता हूँ की उन्होंने भगतसिंह जी को फांसी की सजा से ना बचा कर इस देश की युवा पीढ़ी को जोश और उत्साह प्राप्ति का जो स्त्रोत ( भगत सिंह जी का इस देश के लिए बलिदान ) दिया है उसके लिए धन्यवाद! असल में भगत सिंह जी ने कहा था की अगर मेरे बलिदान से भारत माँ के युवा सुपुत्रों इस देश की रक्षा के लिए आगे आयेंगे तो में खुशी-२ मरना पसंद करूँगा...... धन्यवाद गांधी अगर आप न होते तो शायद भगत सिंह जी के ये उत्कृष्ट आदर्श न होते !!!!

tejsingh madhuban said...

aao milkr salam kre unhe jinke hisse me ye mukam aata h. bde khushnasid hote h wo log jinka khoon watan ke kaam aata h.
TEJSINGH MADHUBAN
9828345306

tejsingh madhuban said...

aao milkr salam kre unhe jinke hisse me ye mukam aata h. bde khushnasid hote h wo log jinka khoon watan ke kaam aata h.
TEJSINGH MADHUBAN
9828345306